Indian Army Chief ने बताया Taliban के साथ भारत की सेना का संबंध कैसा होगा ?
Indian Army Press Conference
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न्यूज़ हाइलाइट्स

अफगानिस्तान के साथ कैसे होंगे भारत के सैन्य संबंध ?

सेना दिवस से पहले भारतीय सेना प्रमुख ने की मीडिया से बातचीत
अफगानिस्तान में शासित तालिबान की सरकार हाल के दिनों में अपना विस्तार करती हुई नजर आई है. हाल ही में भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने तालिबान सरकार के अंतिरम विदेश मंत्री मुत्ताकी से मुलाकात की थी और कई मुद्दों को लेकर दोनों देशों के बीच बात हुई. इसमें लोगों के साथ सहयोग बढ़ाने और ट्रेड को मजबूत करने पर जोर दिया गया. वहीं सेना दिवस से पहले सेना के जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने मीडिया से बात की. उन्होंने कई मुद्दों को लेकर पत्रकारों के सवालों के जवाब दिए लेकिन जब उनसे ये पूछा गया कि क्या आने वाले दिनों में भारत की सेना और अफगानिस्तान की सेना के रिश्तों को लेकर सवाल हुआ और अफगानिस्तान को लेकर भारत की सैन्य तैयारियों को लेकर पूछा गया उसके जवाब में सेना प्रमुख ने कहा है कि अफगानिस्तान और भारत के बीच हमारा भावनात्मक जुड़ाव हमेशा ऊंचा रहा है और ये ऐसा ही रहेगा। लेकिन जहां तक अभी की सैन्य उपस्थिति का सवाल है, हम निकट भविष्य या तत्काल समय सीमा में किसी भी सैन्य उपस्थिति की उम्मीद नहीं कर रहे हैं।
अफगानिस्तान के साथ भारत का रिश्ता काफी मजबूत है और भारत की ताकत को अफगानिस्तान की अंतरिम सरकार भी बखूबी पहचान रही है तभी तो पाकिस्तान जैसे देश की काट के लिए और अपने ट्रेड को मजबूत करने के लिए भारत-ईरान के चाबाहार पोर्ट को लेकर अपनी दिलचस्पी दिखा रहा है. आने वाले दिनों में ये रिश्ते और मजबूत होने की संभावना है लेकिन जिस तरह से तालिबान और पाकिस्तान के बीच दूरियां बढ़ रही है उसको लेकर भारत यकीनन अपनी नजर बनाए हुए है.
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